कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- कविता
शीर्षक- कवि हूँ कविता का
संपर्क- 7974389033
तेज कलम की धार मैं कविता लिखता हूँ।
स्याही एक-एक बूँद से मैं कहानी लिखता हूँ।।
प्रिय के आवाज से सदा कविता पढ़ता है।
स्वीटी को सदा ही प्रेम संदेश भेजता हूँ।।
मन में बहे रसधार को शब्दों से सजाता हूँ।
मन के सारे दर्द को कलम से मैं लिखता हूँ।।
साहित्य,साहित्य नहीं समाज का दर्पण है।
रचनाकारों का जीवन समाज को अर्पण है।।
सुरों के राग से मन मचलने लगा।
कलम की धार से कविता सजने लगा।।
बिना साहित्य के मन मेरा बेचैन है।
हरपल साहित्य से मन मेरा चैन है।।
मन के छिपे भाव से मैं कविता लिखता हूँ।
मिले साहित्य शब्दों से मैं कविता गढ़ता हूँ।।
ब्रिज के गोपियाँ बहें कृष्ण प्रेम धार।
कृष्ण प्रेम से राधा रानी का मन हुआ पार।।
हरपल कहता 'प्रिय' साहित्य से प्रेम करो।
साहित्य से आदित्य हुआ सदा प्रेम करो।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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