Saturday, February 4, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- मन से पराजय मानव

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- पराजय 
शीर्षक- मन से पराजय मानव
संपर्क- 7974389033

मन से पराजय जो माने,
विजय कभी ना होता है।
गिरकर भी उठना ना जाने,
वो सफल कभी ना होता है।

मन से हार जो मानता है।
मंजिल कभी ना पाता है।
मानव तन से पराजय नहीं,
मन से पराजय हो जाता है।

मानव  को  चुप्प  कर  देता  है,
कठोर  शब्द  पराजय  का  सामना।
लक्ष्य  बना  लो  सभी  हे  मानव। 
मधुर  शब्द  की  करो  कामना।

बोलो शब्द लगाम लगा के,
बना रहे  सदा व्यवहार  से।
कठोर  शब्द  बोलने  से,
हृदय दुखता कुशिष्टाचार से।।

मानवता रखो सबके साथ में,
भाषा से जानवर हो या इंसान।
भाषा करें मानव को पराजय।
भाषा से मिलता  है सम्मान।।

मधुर भाषा जब तक बोलो,
इंसान को  मिलता है मान।
भाषा  से  पराजय मिलता।
भाषा  से  ही  विजय मान।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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