कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- इंसानियत
शीर्षक- इंसानियत अब जिंदा नहीं
संपर्क- 7974389033
लोगों को इंसानियत; सीखा जाता ज्ञान।
मानव के स्वभाव से; मिलता हरपल मान।1।
तप कर जलते आग में; मानव बन इंसान।
उत्तम आकिंचन्य से; मिलती है पहचान।2।
जो मानव कर्तव्य से; होता है भयभीत।
भुलता है इंसानियत; मिले कभी ना जीत।3।
मिले कठिन जो राह तो; हार कभी ना मान।
भूल नहीं इंसान तू; अपनी ये पहचान।4।
समझो तू इंसानियत; हरपल इसका मोल।
नेक कर्म नित कीजिए; कर्म बढ़ा अनमोल।5।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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