कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- आध्यात्मिक
शीर्षक- राधाकृष्ण का आध्यात्मिक प्रेम
संपर्क- 7974389033
मन में उमड़े प्रेम तो; जाते मुरली धाम।
राधामोहन नाम से; पूर्ण होत है काम।1।
सुनकर बंशी बावरी; राधा आये पास।
मोहन की है मोहिनी; खूब रचाये रास।2।
राधा पावन प्रेम से; जग में है पहचान।
धारा बहती प्रेम की; प्रेम भाव का ज्ञान।3।
पड़े गोपियाँ प्रेम में; ब्रिज का राजा ग्वाल।
नटखट मुरली ब्रीज का; नंद यशोदा लाल।4।
करें निवेदन आपसे; हाथ सदा प्रिय जोड़।
पार लगाना आप ही; चाहे जो हो मोड़।5।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
No comments:
Post a Comment