Saturday, February 18, 2023

रायपुर से हिम्मत सिंह अरमो की रचना- बेटियाँ

नाम: हिम्मत सिंह अरमो ।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: बेटियाँ   ।
विधा : छंद-मुक्त कविता ।
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      ::।।  बेटियाँ  ।।::

जिस घर होतीं बेटियाँ---
वह घर स्वर्ग हो जाता है ।
बेटियाँ बेल की तरह होतीं --
जिस परिवार में ब्याही जातीं हैं, 
उसकी ही रोशनी बन जाती हैं ।
सृजन शिल्पी होतीं हैं बेटियाँ---
अभिशप्त मानों ना इनको ,
आपके बेटे की जिंदगी  हैं बेटियाँ ।
कुछ लोग बेटी-भ्रूण हत्या करते--
क्या होती है इनकी मजबूरी  ,
क्या होती है, इक माँ को पीड़ा, 
दहेज़ दानव की भेंट चढ़ती हैं बेटियाँ ।
ये ना होती तो हम ना होते ---
जगत की सृजनकार होती बेटियाँ, 
जीवन साथी की धरोहर हैं बेटियाँ  ।
जीवन की पतवार हैं बेटियाँ--
घर का श्रृंगार हैं बहु-बेटियाँ, 
पति का सुख-संसार हैं बेटियाँ ।
संतान सुख की भागीदार हैं बेटियाँ--
माता-- पिता का अश्क हैं बेटियाँ, 
घर-परिवार की पालनहार हैं बेटियाँ ।
आओ देखें मिस वर्ल्ड हैं बेटियाँ--
इनकी रक्षा-सम्मान करें  ,
रक्षाबंधन की शान हैं बेटियाँ, 
सभी का अभिमान हैं प्यारी बेटियाँ ।
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