Sunday, February 12, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- अभिलाषा तेरे प्यार की

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- अभिलाषा 
शीर्षक- अभिलाषा तेरे प्यार की
संपर्क- 7974389033

करूँ अभिलाषा तेरे प्यार की,
लगा  मुझ  पर प्रेम  का  रोग।
मन ही मन तुझसे प्यार किया,
मेरे प्यार को ना पसंद करते लोग।।

मेरे होंठों पर बस तेरा ही नाम।
सभी  अफवाहों  से  मैं  था दूर।
संदेह ना कर मेरी अभिलाषा पर,
प्यार का सुख तुझको दूँगा भरपूर।।

चाहत  तेरा  वर  बनने  का  था।
बहु बनाकर लाये निषाद परिवार।
एक - दूजे की मन की अभिलाषा।
बन  जा  तू  'परमानंद'  का  आधार।।

कृष्ण जैसे बनने की अभिलाषा थी।
मानव  ने  जगाया  मन  में  संदेह।
कृष्ण  प्रेम  कभी  पा  सकते  नहीं,
तुझसे  किया  अभिलाषा की स्नेह।।

प्रेम  रतन  मिला  अभिलाषा  की,
जिससे  जगा  मन  में  विश्वास।
हरपल तुझसे निश्छल प्रेम किया।
जिंदगी भर रहे हम दोनों पास।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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