रचनाकार-गोमतीसिंह
जिला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-परछाई
विधा-छंदमुक्त कविता
शीर्षक-परछाई
संपर्क नंबर-8103564763
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--जब तक जिंदगी में बनी रही रौशनाई
साथ निभाए अपनों नें,
बनकर मेरी परछाई।
जिंदगी ने ऐसी करवट ली ,
गम के बादल हैं छाये ,
दस्तूर है ये दुनियाँ का ,
सभी अपने हुए पराये ।
प्रकृति प्रदत्त नियम है ये
परछाई का ,
साथ सदैव देता है ये
रौशनाई का ।
-गोमती सिंह
कोरबा ,छत्तीसगढ़
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