कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- गणतंत्र दिवस
शीर्षक- भारता माँ के वीर
संपर्क- 7974389033
माँ भारती सपूत से; देश हुआ आजाद।
धरती सींचें खून से; देश हुआ आबाद।1।
वतन खातिर जीवन को; कर दें हम बलिदान।
ध्वजा देश की शान है; जान सदा कुर्बान।2।
हिंद देश के पूत है; वीरों के है वीर।
दुश्मन को देते सबक; धर बंदूक तुणीर।3।
भाग्य बना है कर्म से;हरपल करत प्रयास।
दुश्मन से लड़ने चलें; खुद पर कर विश्वास।4।
देश सुरक्षा के लिए; सदा रहो तैयार।
दुश्मन करें प्रहार तो; नहीं कभी तू हार।5।
सिंह जैसा हुंकार था; दुश्मन का वो काल।
रखे मूँछ पर ताव वो; ऐ आजाद विकराल।6।
आजादी के वीर को; देश नहीं भुल पाय।
सदा 'प्रिय' कहता रहा; मस्तक सभी झुँकाय।7।
देश खातिर सीमा पर; सदा गवांते जान।
सदैव दुश्मन मार के; पाय मान-सम्मान।8।
ऐ सुभाष भगत पूत है; धरती के है वीर।
सदैव करते वार से; देते दुश्मन चीर।9।
आजादी मंजर कभी; देश भूल ना पाय।
सदा वीर लड़ता रहा; आजाद तभी होय।10।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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