Thursday, January 26, 2023

छत्तीसगढ़ के संबलपुर, कांकेर से नलिनी बाजपेयी की रचना- बसंती गणतंत्र दिवस

नमन-मंच
विषय-बसन्ती गणतंत्र दिवस
    दिनाँक-26.01.23


नव साज नव उल्लास संग
 बसंती परिधान धारे ।
सुंदर और स्वर्णिम रूप लिए   
 गणतंत्र आया।।

 देश को आजाद कराने वीरों ने  
  केसरिया बाना सजाया।
 स्वतंत्रता का दीप जला, देश में   
  तब गणतंत्र मुस्कुराया।।

 कुर्बान कर दिलों-जान शहीदों ने    
 अपना मुल्क है बचाया।
 देश भक्ति में डूबे रंग हरा,सफेद  
  केसरिया जवानों को भाया।।

जन-गण-मन संग आकाश में   
 तिरंगा परचम लहराया।
 फर-फर फहराया ध्वज ने   
 उल्लास है बिखराया।।

अधिकार कर्तव्यों से अपना   
 संविधान ने परिचय कराया।   
 अखंड स्वतंत्रता का भाव लिए  
 बसंती गणतंत्र है आया।।

 शत -शत नमन करें वीरों को  
 जिन्होंने स्वतंत्रता दीप जलाया। 
 वंदन,अभिनंदन शहीदों को  
 जिन्होंने तिरंगा को कफ़न बनाया।।

         नलिनी बाजपेयी
  संबलपुर, कांकेर,(छ.ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...