नाम:एच-एस-अरमो "अरमान " ।
जिला:रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: श्रध्दा ।
विधा:छंद-मुक्त कविता ।
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"" श्रद्धा ""
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संसार में प्यारा शब्द है श्रध्दा---
रखते हम, प्रभु पर श्रध्दा ,
श्रध्दा -भक्ति है, परिपूरक सारा।।
माता-पिता के प्रति सेवा-भाव ---
जागृत करती, हममें अगाध श्रद्धा,
उनके कृतज्ञता का ॠण चुकाने,
मरते दम तक, करते उनकी सेवा ।।
मृत्यु के उपादान में, करें पिंडदान--
त्रिवेणी संगम में, अस्थि हैं बहाते,
श्रध्दा से, पितरों का श्राद्ध हम करते,
जीव-जगत् में, संस्कारों को करते ।।
गुरु बिन ज्ञान है ,अधूरा-अधूरा---
संत-महात्मा के, सद्-विचार बिना,
जगत् का ,कल्याण रहे अधूरा-अधूरा,
श्रध्दा से,करते, इनका आदर पूरा।
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