नाम: हिम्मत सिंह अरमो ।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: यतीम ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
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÷÷÷।।• यतीम •।।÷÷÷
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जीवन में प्रभु सबको पहचान मिली--
लोगों को नाम मिला शोहरत मिली,
पर हमारी पहचान यतीम से हुई ।।
अपनी खुशी अपनी चाहत में--
बिना वैवाहिक बंधन के साथ रहे,
पर बच्चों को अनाथालय छोड़ रहे।।
यतीम को जब कोई गोद ले--
जिन्दगी उसकी सँवर जाती है,
माँ-बाप व पहचान मिल जाती है।।
कभी कोई आपदा के नाम--
यतीम कोई हो जाता है,
उसके जीवन में अंधेरा छा जाता है।।
यतीम सी जिंदगी जो जीता--
समाज में नाम पाने है तरसता,
इस दर्द के साथ जीता-मरता ।।
आओ यतीमों को दे दें सहारा--
समाज में ऐसा दे दें हुकांरा,
इन्हें मान व मिलेगा जीने का सहारा।।
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