नाम: हिम्मत सिंह अरमो ।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: राष्ट्रीय बालिका दिवस ।
विधा: छंद मुक्त कविता ।
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**।। राष्ट्रीय बालिका दिवस ।।**
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जीवन के रंग रूप हैं गजब---
पल्लवित नवजीवन है सबको भाता,
नवसृजन का आयाम शादी से पाता,
बेटी करे सबका लिहाज़ व अदब ।।
पावन धरा रूप माता का ---
जननी बनी वो जगत् की,
रूप धरकर आई बेटी का ,
नया रूप पाया बहु का--।।
विज्ञान की प्रगति ने ---
हमें चमत्कार से परिचय कराया,
गर्भ में पलते शिशु के बारे में,
लिंग की अनूठी पहचान कराया ।।
जमाने में खुश थे कुछ लोग---
जमाने में मायूस थे कुछ लोग,
बेटी के बदौलत बढ़ते हैं रिश्ते,
दो परिवारों का मिलन होते हैं रिश्ते।।
कुल-दीपक के नाम पर ----
बेटों की लालसा है बढ़ी ,
पर बेटी होती न किसी से कम,
बुजुर्गों की सेवा का रखतीं है दम।।
आओ राष्ट्रीय बालिका दिवस पर--
संकल्प लें बेटी के जन्म लेने पर,
ढेरों खुशियाँ घर-परिवार में मनाओ,
बिना भेदभाव के उसे आगे बढ़ाओ।।
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