कवि :- विनोद कुमार चौहान "जोगी"
जिला :- महासमुन्द
राज्य :- छत्तीसगढ़
विषय :- वहम
विधा :- कविता
शीर्षक :- वहम
सुखमय जीवन के लिए,
वहम-अहम को त्याग।
रखो सफलता के लिए,
संयम से अनुराग।।
तोड़े रिश्तों को वहम,
यहीं लगाए आग।
सुनो वहम के फेर में,
कोयल लागे काग।।
सुनी-सुनाई बात पर,
मत करना विश्वास।
जांच-परख की राह को,
चुनने करो प्रयास।।
जो नर कच्चा कान से,
अक्सर खाता मात।
बिन समझे ही मानता,
बेमतलब की बात।।
अक्सर चिंता में जले,
जोगी वहमी लोग।
वहम भाव जो त्यागता,
लेता सब सुख भोग।।
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