नाम:एच-एस-अरमो "अरमान "
स्थान-बैरन बाजार,रायपुर ।
जिला:रायपुर (छत्तीसगढ़) ।
शीर्षक: ऊर्जा-संरक्षण ।
विधा : छंद-मुक्त कविता ।
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""!! ऊर्जा-संरक्षण!!"""
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पाषाण युग में, ऊर्जा महत्व को जाना,
सूर्य ताप है, सबके जीने कासहारा,
प्रकृति में, घटते ऊर्जा के संसाधन ,
ऊर्जा-संरक्षण , सबको है अपनाना।
ऊर्जा के आज स्वरूप हैं बदले--
सौर ऊर्जा, जीवाश्म ऊर्जा,
जल -विद्युत-ऊर्जा का दौर,
और अपशिष्ट-जीव पदार्थ ऊर्जा,
व हैं नाभकीय ऊर्जा उपयोगी सारे।।
वैकल्पिक ऊर्जा का स्रोत सौर ऊर्जा--
होते हैं, इससे नित काम सारे ,
उद्योग, कृषि व घर-दफ्तरों को ,
चलाते हम इनके ही सहारे --।।
आज से ही, ऊर्जा- संरक्षण करें तो--
आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा लाभ ,
बिना ऊर्जा, सबका जीवन है सून,
सौर ऊर्जा है जीवन की आधारशिला।
***स्वरचित-प्रस्तुतीकरण ****
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