Monday, December 12, 2022

रायपुर से एच-एस-अरमो"अरमान" की रचना- जीवन की धूप

नाम: एच-एस-अरमो " अरमान "
जिला:रायपुर (छत्तीसगढ़) ।
विधा: छंद-मुक्त कविता  ।
शीर्षक:  जीवन की धूप  ।
मो: 94252--02803    ।
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""  जीवन की धूप   """"
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जीवन की डगर में----
जन्म से मृत्यु तक,
कड़ी धूप  से, 
गुजरना  है  पड़ता ।।01।।
कभी मिलती है----
छाँव तो ,कभी मिले धूप, 
फिर भी जीवन की, 
गाड़ी आगे ही बढ़ती जाती।।02।।
जीवन उपवन में---
फूल भी हैं, तो काँटे भी, 
सुख की धूप, 
आसानी से कट जाती, 
पर दु:ख के पल ,
क्यों लगते भारी-भारी ।।03।।
धरा के पटल में---
मौसम भी बदलते रहते, 
कहीं होती है, कड़क धूप, 
तो कहीं, चले ठण्डी बयार ,
तो कहीं, बारिश का सैलाब, 
तो कहीं, बरसते हैं हिमपात।।04।।
जगत में, सबके लिए--
सौर ऊर्जा है, कितना जरूरी, 
पादपों को भोजन बनाने, 
धूप भी, होती उतनी ही जरूरी।।05।।
जलवायु परिवर्तन का---
महाराजा है, ये धूप, 
सागर को , देकर तेज ताप ,
पानी की भाप , है बनाता ,
फिर मेघा बन,आकाश में उड़ता, 
धरा में बारिश बन बरसता।।06।।
आओ धूप का करिश्मा देखें----
सौर ऊर्जा का, है भण्डारा ,
इसके बिना, सबका जीवन अधूरा, 
जीव-जन्तु ,वनस्पति-पादपों का,
बन जाये, ये जीने का सहारा ।।07।।
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***स्वरचित प्रस्तुतीकरण ******
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