नाम: एच-एस-अरमो " अरमान "
जिला:रायपुर (छत्तीसगढ़) ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
शीर्षक: जीवन की धूप ।
मो: 94252--02803 ।
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"" जीवन की धूप """"
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जीवन की डगर में----
जन्म से मृत्यु तक,
कड़ी धूप से,
गुजरना है पड़ता ।।01।।
कभी मिलती है----
छाँव तो ,कभी मिले धूप,
फिर भी जीवन की,
गाड़ी आगे ही बढ़ती जाती।।02।।
जीवन उपवन में---
फूल भी हैं, तो काँटे भी,
सुख की धूप,
आसानी से कट जाती,
पर दु:ख के पल ,
क्यों लगते भारी-भारी ।।03।।
धरा के पटल में---
मौसम भी बदलते रहते,
कहीं होती है, कड़क धूप,
तो कहीं, चले ठण्डी बयार ,
तो कहीं, बारिश का सैलाब,
तो कहीं, बरसते हैं हिमपात।।04।।
जगत में, सबके लिए--
सौर ऊर्जा है, कितना जरूरी,
पादपों को भोजन बनाने,
धूप भी, होती उतनी ही जरूरी।।05।।
जलवायु परिवर्तन का---
महाराजा है, ये धूप,
सागर को , देकर तेज ताप ,
पानी की भाप , है बनाता ,
फिर मेघा बन,आकाश में उड़ता,
धरा में बारिश बन बरसता।।06।।
आओ धूप का करिश्मा देखें----
सौर ऊर्जा का, है भण्डारा ,
इसके बिना, सबका जीवन अधूरा,
जीव-जन्तु ,वनस्पति-पादपों का,
बन जाये, ये जीने का सहारा ।।07।।
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***स्वरचित प्रस्तुतीकरण ******
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