नाम:एच-एस-अरमो "अरमान " ।
जिला-रायपुर, राज्य-छत्तीसगढ़ ।
विषय: श्रीराम ।
शीर्षक:भक्तों के श्रीराम ।
विधा- छंद-मुक्त कविता ।
स्वरचित-प्रस्तुतीकरण:
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"" भक्तों के राम """
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हरी भजे और माला जपे ---
धुला ना , मन का मैल ,
तू कर ,राम भक्ति की सेवा,
तभी छूटेगा, तेरे मन का मैल ।।1।।
हरि रंग, रंगे जो---
होवे तन ,उसका भी हरियर ,
राम में, रमा जो ,
होवे मन ,उसका भी उजियर।।2।।
रामलीला में है---
जीवन दर्शन का ,खूब भंडारा ,
राम भजन , से है,
हर मुसीबतों का छुटकारा ।।3।।
मैंने सुख छोड़ा ---
कष्टों की ,राह है पकड़ा ,
आज्ञाकारी पुत्र की ,
बेहतरीन, मिसाल है रखी ,
आज तुम, सब --
इन बातों को, क्यों भूला रखी ।।4।।
मुझको बाँटने वाले---
वो मेरे कभी, सच्चे भक्त,
तो हो नहीं सकते ।
मुझको सदा याद करने वाले,
मानवता के सच्चे पूजक होवे ।
जो मर्यादा का, मान घटाते,
वो मेरे कभी भी,
सच्चे साधक,कैसे बन पाते।।5।।
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