कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मन
शीर्षक- मन के आँसू
संपर्क- 7974389033
मेरा मन तू तोड़ चली,
अकेला मुझको कर गई।
ऑंखों में ऑंसू देकर,
मुझको पराया कर गई।१।
मुझको रूशवा कर गई,
क्यों मुझसे की बेवफ़ाई।
रो रोकर ऑंखें हुई नम,
फिर भी पास नहीं आई।२।
गमों के बीच बैठकर मैं,
तुझको याद किया करता हूॅं।
तू मुझे बहुत सताती है,
दिन-रात सो नहीं पाता हूॅं।३।
तेरी एक मुस्कान के लिए,
सारे दुख ले लेता हूँ।
ऑंखों में न आये ऑंसू,
हर दुख सह लेता हूँ।४।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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