नाम: एच-एस-अरमो "अरमान "।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: " किसान " ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
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%%।। किसान ।।%%
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मातृभूमि का हूँ ,मैं--
एक भूमिपुत्र, करता श्रम भरपूर,
पर,मिले न, उतना मेहनत का फल,
जीने के लिए, फसल हूँ उपजाता।1।
अपने फसलों का उचित दाम पाने--
सरकार से,हम सब गुहार लगाते ,
अनाज भंडारण के, हम सहायक,
पर बिक्री से, कम होआवक।2।
कुछ किसान मालगुजार होते--
कुछ होते हैं, खेतिहर मजदूर,
मालगुजारों के दिन अच्छे कटते,
गरीब किसान ,फकीरी में रहते।3।
किसान, कर्जे में डूबा रहता--
बड़े कारज करने, कर्जदार होता,
पीढ़ी दर पीढ़ी, कर्जदार ही रहता,
जीवन भर इस दर्द में जीता-मरता।4।
किसान का ,सम्मान करना जाने--
हमारे भोजन का प्रबंध हैं करते,
फिर भी ,सम्मान को, हैं तरसते,
देश के हैं, ये पालनहार हैं सच्चे।5।
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***स्वरचित-प्रस्तुतीकरण ***
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