नाम: एच-एस-अरमो "अरमान " ।
जिला: रायपुर (छत्तीसगढ़)
शीर्षक: केशर ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
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"" केशर """"
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मुगलों के, शाही भोज---
की रौनक हूँ, मैं केशर,
तंदुरुस्ती की हिमायती,
बनीं हूँ, मैं केशर--।।01।।
क्या लस्सी, क्या रबड़ी---
क्या बिरयानी, क्या जर्दा,
सबकी शान हूँ--
महकती ,खूब रंग बिखेरती केशर।2।
बर्फीले पहाड़ों ,मैदानों की--
कश्मीरी अनमोल पैदावार हूँ ,
फूलों की, पाखी हूँ मैं केशर ,
मेरी यही होती ,खूब पहचान ।3।
क्या अमीर , क्या गरीब जनों ---
सबके खाने की, मैं हूँ रौनक,
मेरे रंग की, फैली शोहरत से,
तृप्ति का, एहसास कराती केशर।4।
कश्मीर है, धरती का स्वर्ग--
डलझील की शान है शिकारा ,
दुनिया भर में परचम लहराता ,
अपनी रंगत से, केशर है लुभाता।5।
===।।स्वरचित-प्रस्तुतीकरण==**
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