कवित्री -उर्मिला सिदार
जिला -रायगढ़
राज्य -छत्तीसगढ़
विधा -पद्य
शीर्षक-सुरक्षा बल
संम्पर्क-9303298994
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सुरक्षित रखे हुए हैं सुरक्षा बल,
उनकी कर्तव्य को मनु न भुलाओ ।
हृदय तल से सम्मान करो उनका,
उनकी अपेक्षाओं को मत भुलाओ।
स्व परिवार त्याग कर उन्होंने ,
हर पल तुम्हारी सुरक्षा कर रहे हैं
उनकी साहस का तुम कद्र करो,
उन्हीं की बदौलत आज सुरक्षित हैं।
अपना पराया न होता उनके मन में,
सब मातृभूमि के भारतीय बेटे हैं
सभी से उनका संबंध बने हुए है,
किसी से न करते अनदेखे हैं।
वर्षा, धूप, कड़ी कठोर मौसम में भी,
वे अपनी जान की बाजी लगाते हैं।
सुरक्षित रहे देश के भारतीय जन,
बस मन में यही कामना रखते हैं।
विलासिता दुनिया से परे देशभक्त,
अपना जलवा भारती पर दिखाते हैं।
तन, मन, धन समर्पित कर बलिदानी,
अपनी फर्ज कुर्बान कर निभाते हैं।
धन्य है वह मातृ भूमि के वीर सपूत,
जो माँ के लिए शहीद हो जाते है।
अपने जिंदगी का प्रवाह किए बिना,
अन्यों की सुरक्षा कर जन्नत पाते हैं।
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उर्मिला सिदार बुलाँकी छत्तीसगढ़
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