Monday, November 7, 2022

छत्तीसगढ़, बिलासपुर से सावित्री यादव 'सावि' की रचना- उत्सव

रचनाकार  का नाम -सावित्री  यादव 
जिला -बिलासपुर 
राज्य -छ. ग. 
विषय -उत्सव 
विधा -मुक्त 
शीर्षक -उत्सव 
सम्पर्क  न. -7566685373

उत्सव  का अर्थ  है। 
तन और मन  मे उमंग। 

प्रीत  के रंग मे रंगे  ज़ब मन। 
तब होता  तन मन का उत्सव। 

ज़ब मन बावरा हो झूमें  हर  पल। 
तब होता है मन  का उत्सव। 

ज़ब तन स्वस्थ  हो। 
और कोई  तन की पीड़ा  न हो। 
तब होता  है तन का उत्सव। 

ज़ब परिवार  के सभी के चेहरे  खिले  हो । 
तब होता परिवार  का उत्सव । 

ज़ब समाज के लोग मिलकर रहे  शांति  पूर्वक। 
और इंसान - इंसान  के काम आये तब होता समाज का उत्सव। 

ज़ब धर्म  अनुसार  लोग चर्चा  करे। 
हर कार्य  करे  धर्म से  संस्कार  करे। 
तब होता  है  उत्सव। 

और ज़ब मानव प्रकृति  से प्रेम  कर शांति  पूर्ण 
व्यवहार  करे  तब होता है विश्व मे उत्सव । 

उत्सव केवल त्यौहारो  से  नहीं  
कर्म  और वचन  और समाज मे  सभी  लोगो के हित 
को सर्वोपरि रखकर जीवन  जीना  ही  उत्सव  है। 

सावित्री  यादव  
बिलासपुर  छ. ग.

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