कवयित्री-गोमती सिंह
जिला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-मनका
विधा-छंद मुक्त कविता
शीर्षक-मनका
संपर्क नंबर-8103564763
---मनका ऐसा फेरूं मैं, मिट जाए मन का भेद ।
मेरा हृदय प्रेम का घट बन जाए ,
सदैव नफ़रत का रहे निषेध ।
विनती एक करूँ हे भगवन!
न हो कलुष कलेश से मेरा संबंध,
चहुँ ओर बिखेरूं प्रेम की आभा ,
मुझमें अहंकार न आए बन कर बाधा।
मेरे हिय में रहे सद्भावना अभेद
मनका ऐसा फिरूं मैं, मिट जाए मन का भेद
अपना-पराया तनिक न रहे ,
दिल में स्नेह रहे अछेद अभेद ।
।।इति।।
-गोमती सिंह
कोरबा,छत्तीसगढ़
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