लेखिका-उर्मिला सिदार
जिला- रायगढ़
राज्य- छत्तीसगढ़
विधा - गद्य
शीर्षक- सविधान
संपर्क 930 32 98 994
***********************
हर मानव किसी न किसी परिवार में जन्म लेता है ।हर परिवार समाज के साथ जीता है और समाज प्रकृति के साथ जीता है।इस तरह से देखा जाता है, मानव का मानव और प्रकृति के साथ संबंध बना ही रहता है। इन्हीं संबंधों के साथ न्याय, धर्म, सत्य के साथ जीने के लिए जो नियम या विधान बनाया जाता है। उसे ही संविधान कहा जाता है। सविधान में जो भी नियम या विधान लिखी गई है वह नियम, संपूर्ण मानव जाति के हित के अर्थ में रहता है।इसे मानव आचरण में लाकर प्रमाणित करता है और अपने मानव होने के दायित्व और कर्तव्य का समाधान के अर्थ में व्यक्त करता है। इसीलिए संविधान हर देश में आवश्यकता होती है । इस संविधान में लिखी गई जो भी नियम है ,उसका मानव समझदारी और ईमानदारी के साथ जिम्मेदारी लेते हुए भागीदारी करता है। इसी लिए सविधान हर देश में बनाने की परंपरा बनी हुई है ।हमारे भारत देश में आज ही के दिन संविधान बना था।इसीलिए आज के दिन हमारे भारत के मानव जाति के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन होता है।
*****************************
उर्मिला सिदार बुलाँकी रायगढ़ छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment