कवि :- विनोद कुमार चौहान "जोगी"
जिला :- महासमुन्द
राज्य :- छत्तीसगढ़
विषय :- शिक्षा
शीर्षक :- शिक्षा से जीवन सुधरेगा (आल्हा छंद)
संपर्क :- 9669360722
शिक्षा से जीवन सुधरेगा, पाओगे जग में सम्मान।
आओ बच्चों मिलकर जाएँ, फिर से अर्जन करने ज्ञान।।
कपड़े-लत्ते को धो लेना, बस्ते को कर लो तैयार।
ले लेना जी नई कॉपियाँ, करो कलम की पैनी धार।।
बन जाओगे अफ़सर जब तुम, नतमस्तक हो सकल जहान।
आओ बच्चों मिलकर जाएँ, फिर से अर्जन करने ज्ञान।।
शिक्षा से................................... सम्मान।
जी तोड़ मेहनत करना तुम, ऐड़ी-चोटी का दे जोर।
छुट्टी थी जी यामा श्यामल, नया सत्र ज्यों नूतन भोर।।
करो किताबों से फिर यारी, पूरे होंगे हर अरमान।
आओ बच्चों मिलकर जाएँ, फिर से अर्जन करने ज्ञान।।
शिक्षा से................................... सम्मान।
ज्ञानार्जन अधिकार तुम्हारा, वंचित होना है अपराध।
समयबद्ध जो काम करोगे, आप लक्ष्य को लोगे साध।।
शिक्षक पर विश्वास अडिग हो, और पढ़ाई में हो ध्यान।
आओ बच्चों मिलकर जाएँ, फिर से अर्जन करने ज्ञान।।
शिक्षा से................................... सम्मान।
शिक्षा का तुम मोल बताना, प्रोत्साहित हो सारे लोग।
अपने साथी को भी लाना, संख्या में हो नित-नित योग।।
जीवन मूल्यों की शिक्षा पा, बन जाओ सच्चे इंसान।
आओ बच्चों मिलकर जाएँ, फिर से अर्जन करने ज्ञान।।
शिक्षा से................................... सम्मान।
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