चेतन सिंह की रचना- सद्मार्ग
कवि - चेतन सिंह
पता--कसडोल, बलौदा बाजार
राज्य -- छत्तीसगढ़
विधा -- कुंडलियां छंद
शीर्षक -- सद्मार्ग
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तज सारे मिथ्या , भ्रभ अरू झूठ !
पी सदा सत्य के , दो कडू घूंट !
पग - पग में जो रटै , प्रभु का नाम !
सुख मिलै जीवन में , अरू आराम !
सत्कर्म की राह जो , सदा चलता जाय !
धन ,संपदा अरू शांति , तौ मिलता जाय !
होत शतायु उम्र उन्हीं , कर्म पर जो ध्यान धरे !
मिलै सदा मान जिन्हीं , कभू न जो अभिमान करे !
सौ बरस जीवन की , रख सदा आस !
मनुज रूप पुनः न मिले , ज्यों हुए लाश !
कुमार्ग जो धरे , मिले न उन्हें प्रभु प्रीत !
रूप सजीव चेतन कहे , जीवन की यही रीत !
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