उर्मिला सिदार की सृजित आलेख- अंधकार से प्रकाश की ओर
रचनाकार- उर्मिला सिदार
जिला -रायगढ़
राज्य- छत्तीसगढ़
विधा -गद्य
शीर्षक -अंधकार से प्रकाश की ओर
संपर्क -930 32 98 994
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*अंधकार से प्रकाश की ओर*
वे लोग सूर्य (प्रकाश ,ज्ञान)से रहित है। जो गाढ़े अंधकार में अर्थात घोर अज्ञानता में डूबे हुए हैं। अंधकार लोक में वही लोग पहुंचते हैं, जो अपनी आत्मा का हनन अर्थात ह्रास करते हैं ।क्योंकि आत्मा ही सत्य ग्राही है ,जो ज्ञान के प्रकाश में ही, दृष्टा पद प्रतिष्ठा में ,ज्ञान का अर्थात सत्य का दर्शन करता है और परम आनंद की अनुभूति करता है। अतः हर मानव को अंधकार से प्रकाश की ओर अर्थात अज्ञानता से ज्ञान की ओर यात्रा करने की समीचीन आवश्यकता है। अंधकार में जीना अर्थात अज्ञानता में जीना अतृप्त होकर जीना है और हर मनुष्य तृप्ति की खोज में ही इस भव सागर में यात्रा कर रहा है । अज्ञानता वश तृप्ति नहीं मिल पा रही है, यही मानव जाति का दुःख है ,भ्रम है, समस्या है ।इसी भ्रम से मुक्ति पाना ही मोक्ष है।
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उर्मिला सिदार बुलाँकी रायगढ़ छत्तीसगढ़
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