रचनाकार- सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
मो. ग़. 7566685373
शीर्षक -ईश्वर अनोखे शिल्पी
ऐसा शिल्पी जिसने चाँद,
तारे धरती आकाश बनाया।
उसने ही संसार बनाया।
उससे क़ोई अलग नहीं ,
वो सब मे और सब उसमे समाया।
फूलों को खुश्बू दे दी,
पूरी दुनियाँ को महकाया।
पशु पक्षी को पंख देकर ,
उनको पूरा आकाश दिया।
ऐसा पूरा संसार रचा ,
नदी सागर, तालाब बनाया।
पर्वत ऊँचे जिससे बहते,
झरने पानी का समंदर किया।
मानव की रचना अनोखी
जिसे बल बुद्धि दिया।
और हर समय उनका साथ,
देने आस्था और प्रार्थना ,
उनको मन मे भर दिया।
ऐसे शिल्पी भगवान का
कैसे गुणगान करुँ।
जो सृष्टि की पल पल मे,
बदल देते है काया।
उसने ही इस अनोखी,
दुनिया को बनाया।
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
मो. न. 7566685373
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