रचयिता -उर्मिला सिदार
जिला -रायगढ़ (छ.ग.)
विधा-गद्य
शीर्षक- तेजस्वी आत्मा
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जो आत्मा परमपिता परमेश्वर का अनुभव कर शुद्ध,और तेजस्व को प्राप्त करता है।वही आत्मा परमात्मा का प्रतिनिधित्व करता है। वही आत्मा में परमात्मा का निवास होता है ।वही आत्मा परमात्मा के आचरण को पाकर अजागृत मानव को प्रेरित कर परमात्मा का दर्शन कराने का अधिकारी होता है ।जागृत मानव को प्रतिनिधित्व करते हुए इस भवसागर में किस तरह से सभी मानव जाति और प्राणियों के साथ प्रेम पूर्वक रह कर ईश्वर के आचरण को प्रमाणित कर परम सुख की प्राप्ति करता है।
और अन्य के प्रति उपकारी होता है।
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उर्मिला सिदार बुलाँकी रायगढ़ छत्तीसगढ़
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