राज्य-- राजस्थान
विषय--(गीत की महिमा)
शीर्षक--गीत प्रारम्भ है.....
गीत........
गीत प्रारम्भ है गीत अन्तरन्त्र है...!
गीत भव विभव पराभव का वाद्ययंत्र है...!!
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गीत योग की तरंग दिव्य प्राणायाम है।
गीत प्रत्याहार दर्शन अंत्यायाम है।।
गीत धारणा उमंग ध्यान कृष्ण राम है।
गीत साधना सुबह समाधिस्थ शाम है।
गीत नाभि से शून्य तलक स्नायु तंत्र है..!
गीत प्रारम्भ है.......
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गीत प्रेम की तरंग नित्य आठोयाम है।
गीत नाद स्वर बिंदु ध्वनियाँ तमाम है।।
गीत बीज मूल महामन्त्र ओम नाम है।
गीत ब्रह्मा महेश विष्णु तत्त्वधाम है।
गीत अंड पिंड सृष्टि ब्रह्मांड मन्त्र है...!
गीत प्रारम्भ है.......
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गीत शंखनाद गूँज है प्रणव त्राम है।
गीत भ्रमर गुंजनम ध्रुव आराम है।।
गीत मूल से सहस्र वार उद्गाम है
गीत अहम प्राण आत्मबोध ओ ललाम है।।
गीत आंतरिक ऊर्जा परितंत्र है...!
गीत प्रारम्भ है........
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गीत दर्द का शिखर उतुंग त्राटकाम है।
गीत आनन्द मलयगिरी विश्राम है ।
गीत मन चित्त वाणी है अभिराम है
गीत महारास सम्मोहन कुन्ज ग्राम है।।
गीत जीवन स्वर्ण पत्र महायंत्र है....!
गीत प्रारम्भ है--------
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गीत श्वाश उच्छवास सो $ हम अनाम है।
गीत नस नाड़ी हृदय अनहद याम है।
गीत आराधना जो सुबह शाम है।
गीत उत्पत्ति स्थिति प्रलय मुकाम है।।
गीत स्वयम्भू सृजित नेह स्वातंत्र है.....!
गीत प्रारम्भ है..........
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पवन गौतम बमूलिया
शानदार पवन भाई👌👌
ReplyDeleteTHNKS
ReplyDeleteTHANKS
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