संबलपुर,जिला-कांकेर,( छ.ग.)
विषय-तेजस,
दिनाँक-07.06.21
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*तेजस*
सूर्य सा तेजस लेकर तमस हरो।
नन्ही नन्ही किरणों से मन में उजास भरो।।
सुख-दुख की लुकाछिपी से।
कभी भी तुम हिम्मत ना हारो।।
खत्म हुई लालिमा जीवन की।
उसमें रंग आस का भरो।।
हम आर्यपुत्र दिव्य ईश्वर के संतान ।
तेज,शौर्य, साहस से रहो ना अंजान ।।
काली रातों की करना ना परवाह ।
नवसृजन नवजीवन का तुम में है प्रवाह।।
तेरा शौर्य देख जग है सदा हर्षाय ।
घोर निराशा में तेजस ले आस का दीप जलाया।।
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर,( छ.ग.)
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