Monday, June 7, 2021

नलिनी बाजपेयी की रचना- तेजस

रचनाकार-नलिनी बाजपेयी
     संबलपुर,जिला-कांकेर,( छ.ग.)
           विषय-तेजस,
       दिनाँक-07.06.21
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               *तेजस*

सूर्य सा तेजस लेकर तमस हरो। 
नन्ही नन्ही किरणों से मन में उजास भरो।।

सुख-दुख की लुकाछिपी से। 
कभी भी तुम हिम्मत ना हारो।। 

खत्म हुई लालिमा जीवन की। 
उसमें रंग आस का भरो।।

हम आर्यपुत्र दिव्य ईश्वर के संतान ।
तेज,शौर्य, साहस से रहो ना अंजान ।।

काली रातों की करना ना परवाह । 
नवसृजन नवजीवन का तुम में है प्रवाह।।

तेरा शौर्य देख जग है सदा हर्षाय ।
घोर निराशा में तेजस ले आस का दीप जलाया।।

        नलिनी बाजपेयी
   संबलपुर,कांकेर,( छ.ग.)

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