Wednesday, June 16, 2021

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से कवि गजेन्द्र हरिहारनो "दीप" की रचना- झरना

रचनाकार :- गजेन्द्र हरिहारनो" दीप"
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)
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      :: :: गीत ::::
मापनी :- मुखड़ा :- 18 - 16
             अंतरा :- 18
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       -:  झरना :-
झर झर झर झर झरता है झरना,
        जीवन गीत सुनाए झरना ।
श्वाँस श्वाँस में भरकर के नग्म़ें ,
      मन में प्रीत जगाए झरना ।
झर झर झर झर..........

हर बाधाओं को तोड़ तोड़ कर
बीती बातों को छोड़ छोड़ कर
आगे बढ़ते जाता है झरना
झर झर झर झर......

यौवन का है उल्लास समाया 
कायरता का उपहास उड़ाया
झूम झूम गाते जाए झरना
झर झर झर झर......

खुशियों का ही संदेश सुनाए
सारे ग़म अपने साथ बहाए
उछल उछल बहते जाता झरना
झर झर झर झर .…..
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गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)
  

4 comments:

  1. आप सभी सुविज्ञ साहित्य साधकों को सादर प्रणाम। आप सभी का स्नेहाशीष व मार्गदर्शन सतत् प्राप्त होता रहे बस यही प्रार्थना है ।

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  2. वाह अनुपम शब्द विन्यास शीतलता पर्याय

    डाइन्दिरा गुप्ता यथार्थ

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