Wednesday, June 16, 2021

पश्चिम बंगाल के कलकत्ता से दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" की रचना- संकट की घड़ी

नाम-दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" 
शीर्षक-"संकट की घड़ी में "
राज्य-पश्चिम बंगाल



मंदिर काम न आया । 
मस्जिद काम न आया। 
संकट की इस घड़ी में, 
हॉस्पिटल ही काम आया । 
माता काम न आई। 
बाबा काम न आये। 
संकट की इस घड़ी में,
डॉक्टर नर्स ही काम आए। 
दोस्त काम न आये, 
बंधु काम ना आए । 
संकट की घड़ी में, 
पुलिस वाले ही काम आए। 
बढ़ जाता और कोरोना। 
गंदा हो जाता शहर का कोना कोना। 
संकट की इस घड़ी में, 
सफाई वाले ही के आये। 
हाथ मिलाना काम ना आया। 
गले मिलना काम ना आया । 
संकट की इस घड़ी में, 
हाथ जोड़ नमस्कार करना ही काम आया।

दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" कलकत्ता
रचना मेरी अपनी मौलिक रचना है।

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