Friday, May 21, 2021

अमिताभ कुमार दीवान की रचना- माँ

नाम-अमिताभ कुमार दीवान
जिला-रायपुर
विधा-कविता
विषय-माँ




यूँ ना करो कृतघ्नता,बड़ी मुश्किल से जिलाया होगा|
कुछ ना भी करे तब भी, तुम्हे दूध तो पिलाया होगा|

पूछ के देखना कभी, बचपन की यादों से,
खुद भूखी रहकर, तुम्हें कुछ तो खिलाया होगा|

अपने कृत्यों को याद करके, देखना कभी साफ मन से,
तुमने कितनी ही बार उनको, बेवजह तो रुलाया होगा| 

जब कहीं शुकूँ ना मिला होगा दुनियाँ में,
उसने अपनी बांहों में भरके,वो शुकूँ तो दिलाया होगा| 

जिंदगी की असफलताएं जब तोड़ देती हैं,
थके जिस्म को ,अमृत सा आब, उसने पिलाया तो होगा|

जब सारी दुनियाँ हिराकत से ,देखती होगी तुझे,
उन नजरों को गिराने माँ ने पत्थर तो उठाया होगा|

 उसके जाने के बाद, दुनियाँ यूँ ही नहीं रोती,
माँ ,माँ है उसकी जैसी कोई और नहीं होती|


अमिताभ कुमार दीवान

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...