विधा:-छंद मुक्त कविता
जिला:-कांकेर(छ. ग.)
विषय:- माँ
मुँह से बोला गया पहला शब्द माँ,
दुःख के बादल छठ जाते,
जिनके आँचल के नीचे,
वो होती है माँ।
ममता,स्नेह,त्याग के दर्शन,
जिनमें होते हैं,
वो होती है माँ।
हमारे आंखों से निकले आँसू से,
जिनके चेहरे पर चिंता की
लकीरें आ जाती,
वो होती है माँ।
दुनिया में आने से लेकर,
सफलता की सीढ़ियां चढ़ने तक,
जिनकी दुआएं हमारे साथ होती,
वो होती है माँ।
संघर्ष से हार जब हम बैठ जाते,
तो जिनकी सीख आगे बढ़ने की,
प्रेरणा है देती,
वो होती है माँ।
वो शब्द जिसका नाम लेते,
आधी परेशानियां दूर हो जाती,
वो होती है माँ।
जिनकी दुआएं हमें,
काल के पंजे से छुड़ा लेती,
वो होती है माँ।
हमारे बिन बोले मन की बात
जान लेती,
वो होती है माँ।
परमात्मा तीन रूप में हमारे साथ होते,
पिता,गुरु और वही तीसरी होती है माँ।-कु.गरिमा पोयाम
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