डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव ( छत्तीसगढ़)
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-: त्रिभंगी छंद :-
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जीवनसाथी
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चल मेरे साथी , जीवन साथी ,
जीवन अपना, हम तारें ।
वो प्यारे सपने , जो हैं अपने,
पूर्ण करें सब,हम सारे ।
सुख दुख है साथी, दीया बाती,
साथ साथ ही, ये रहते ।
साथी मत छूटे,वो मत रूठे ,
मिल कर रहना, ये कहते ।
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गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)
लाजवाब रचना
ReplyDeleteआप सभी के स्नेह वर्षण हेतु हृदय तल से साधुवाद ,।
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