दिन -गुरुवार
रचनाकार - सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग़.
शीर्षक -शिव और शक्ति
शिव और शक्ति, अनोखी होती है इनकी भक्ति।
शिव शक्ति के बिन अधूरे और शक्ति शिव बिन अधूरी।
जिसने कैलाश पर डाला डेरा जहाँ लगते भक्त फेरा जिसकी आराधना करे तो, दिन फिर जाते है वो भोलेनाथ कहलाते है।
ऐसे शिवशंकर जिसने पीया जहर।
ज़ब भी क़ोई भक्त पुकारे करते उनका उद्धार।
भोलेनाथ है एकदम भोले देते सब बिन बोले।
उनकी कृपा जिन पर हो जाती वो होते किस्मत वाले।
गले रहते जिनके विषधर और हाथो मे त्रिशूल।
पल भर मे हर लेते है जो भक्तो के शूल।
ऐसे अन्तर्यामी महादेव को कोटि कोटि प्रणाम।
भजले मन ॐ नमः शिवाय सुबह शाम।
रचनाकार -सावित्री यादव "सावि "
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