जिला - जांजगीर चाम्पा
विषय - माँ
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अपनी खून से सींचकर हमें पैदा करती है,
हमारी खुशियों के लिए रोज जीती और रोज मरती हैं।
वो माँ ही तो होती है, वो माँ ही तो होती है....
हमारी आँसू पोछकर हमें गले से लगा लेती है,
हमें तकलीफ में देख सारी दुनिया सर पे उठा लेती है।
कड़ी धूप में मेहनत के बाद भी अपने चेहरे से हर सिकन हटा लेती है,
वो माँ ही तो होती है, वो माँ ही तो होती है.....
गुरु बनकर शिक्षा देती दोस्त बनकर हर बात समझती है,
हम तक आने वाले हर खतरे को हमसे पहले वो सहती है।
भगवान से हर विनती में मेरे बच्चों की रक्षा करना यही कहती है,
वो माँ ही तो होती है, वो माँ ही तो होती है....
हमें फिर से अपनी आँचल में छिपा लो माँ, दुनिया से डर सा लगता है,
ये दुनिया बड़ी जालिम है माँ, चारों तरफ मौत का ख़ौफ़ सा लगता है।
जो हमें हर गम हर तकलीफ से बचा लेती है,
वो माँ ही तो होती है, वो माँ ही तो होती है....
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श्वेता सिंह क्षत्रीय
जांजगीर
बहुत सुन्दर रचना
ReplyDeleteसभी माँ को सादर प्रणाम
So nice
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteBahu sundar
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना
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