संबलपुर,जिला-कांकेर,( छ. ग.)
विषय-चार-चिरौंजी
दिनाँक-08.04.21
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*चार-चिरौंजी*
काजू,किशमिश
तमाम सूखा मेवा।
चार चिरौंजीजी के आगे
नतमस्तक हो।।
बस्तर के जंगलों में यह
अनुपम छोटा वृक्ष है लहराता।
चिरौंजी के नाम से इसका
बीज प्रसिद्ध कहलाता ।
हरे-हरे गोल छोटे अंगूरों
सा गुच्छे में फलता ।
पकने के बाद श्याम रंग में
बदल मिठास बढ़ाता।।
सूखे बीज के अंदर ही
चिरौंजी अस्तित्व पाता।
मिष्ठानों में दुर्लभ यह
बीज अपनी चमक बढ़ाता।
वनोपज की दुनियाँ में
यह महंगा बीज कहलाता।।
देश प्रदेशों में चिरौंजी की
दिनों दिन माँग बढ़ते जाता।
सूखा मेवा,उबटन,
पौष्टिकता से
भरपूर यह फल
सबको सुहाता।
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर,( छ.ग.)
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