Wednesday, April 7, 2021

पुष्पा पटनायक "पुष्प " की रचना- संगम

रचियता- पुष्पा पटनायक "पुष्प "
बनाई तमनार, रायगढ़ 
विधा- छन्द मुक्त कविता
शीर्षक -" संगम"
***********************
पहाड़ों से होता है 
सदा उद्गम नदी का 
जब संगम,सागर में हो 
तभी पूर्ण मानी जाती ।

इच्छा जहां प्रगाढ़ हो 
निःस्वार्थ से परिपूर्ण हो
वहां वियोग की 
मति मारी जाती ।

भले ना मिलें आकाश वसुधा 
क्षितिज के पार 
रहते साथ सदा 
हो जाता संगम जुबानी।

भक्ति की पराकाष्ठा ही 
भक्त को ईश से मिलाती 
साधु हो जाता विलीन देव में 
यही सच्ची संगम की निशानी।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...