विधा -कविता
विषय - गवेजा
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गवेजा
संवाद से होता है समाधान,
विवाद से होता है समस्या ।
दो अजनबी की पहचान से ,
मैत्री भाव से होती है बया ।
सुख शांति वातावरण से ,
समस्या की जगह नहीं ।
परस्परता में मानव से गवेजा,
सुखद वातावरण होता सही ।
दो आत्माओं के मिलन से ,
व्यक्त होता है व्यवहार ।
कोई स्वीकार कर कोई नकारकर,
फिर भी जीते हैं लोग संसार।
गवेजा से गवेजा ढूंढते चले,
बने स्नेह व्यवहार ।
जिंदगी सरल से बीत जाए,
जीवन हो जाए बेड़ा पार।
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उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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