जिला-कोरबा, छ.ग.
विषय- चेतिका
विधा- छंदमुक्त कविता
शीर्षक- चेतिका
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दौलत, मान, प्रतिष्ठा सब कुछ
यहीं धरा रह जाएगा।
उसने तय किया है प्यारे ;
आया है तो जाएगा ।
चिता से क्या डरना हमको ,
वो तो अंतिम लक्ष्य हमारा है ,
जीवन सफल बना लें अपना,
फिर चीर-निद्रा में समाना है ।
सुख की कमी नहीं दुनियाँ में ,
बस सुंदर दृष्टि बनाना है ,
चक्षु में सुंदरता लाकर ,
सुखमय जीवन जीना है ।
उत्तम योनि में आए हैं तो ;
श्रेष्ठ कर्म हम कर जाएं ,
निष्काम कर्म करके हमको ,
परमधाम को जाना है ।
।।इति।।
" गोमती सिंह"
कोरबा, छ.ग.
बहुत सुंदर रचना ।
ReplyDeleteबहुत सुंदर रचना
ReplyDeleteबहुत ही अच्छा दीदी
ReplyDeleteबहुत सुंदर रचना
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