निवास-बायरन बाज़ार,रायपुर ।
जिला-रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
विषय--गवेजा ।
विधा-छ्न्द मुक्त कविता ।
शीर्षक- "" गवेजा """ ।
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<•>•<•>||☆गवेजा ☆||<•>•<•>
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संवाद के बिना,जगत में---
सभी जीव-जन्तुओं का,
जीना होता है,कितना मुश्किल ।
विश्व में,अनेक भाषायें हैं--
एक भाषी,एक देश के लोग,
जब आपस में गवेजा हैं करते,
मित्रता व अपनापन का भाव हैं पाते ।
गवेजा में सिर्फ,शब्दों की अहमियत--
जब हो न ,इसमें नजाकत,
तो आपस में अक्सर विवाद या
बहस की गुंजाइश ही होती ।
दो देशों के बीच--
जब सन्धि या समझौता होता,
गवेजा का महत्व समझ में आता,
ये लिखित दस्तावेज,अहम बन जाता।
बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए--
आपस में महत्वपूर्ण गवेजा का होना,
बहुत है जरुरी तभी जीत है मिलती ।
प्रभावी गवेजा के लिए--
ज्ञान,उचित शिक्षा व सत्संग से,
आती उसमें परिपक्वता,
ऐसे लोग,संगठन में,धाक जमाते ।
मोबाईल और इंटरनेट से--
गवेजा करना,हुआ है आसान,
कहीं भी,कभी भी व कितनी दूर से,
महत्वपूर्ण गवेजा को,बल मिलता है ।
जीवन में,रिश्ते बनाये रखने के लिए--
गवेजा करते वक़्त,संयम जरुरी है,
गुस्से व शब्दों का नियंत्रण,जरुरी है,
जीवन का फलसफा भी,यही है--।
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****12/04/2021,सोमवार *****
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