ग्राम- बुलाँकी
जिला -रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
विधा -कविता
विषय- *समझो इंसान*
दिनांक -06/04/2021
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*समझो इंसान*
तुम कब समझौगे इंसान,
तुम्हारे ना समझ से,
ज़िन्दगी छोड़ जवान,
हो रहे बलिदान।
तुम कब...........
अपना पराया का दीवार,
कब तक खड़ा करोगे।
तुम कब तक बने रहोगे,
झूठे पुलंदियो से महान।
तुम कब..........
विश्वास के अभाव में तुम,
सच्चाई से भटक कर,
द्वेष घृणा से दबकर,
कितना नफरत भरोसे जहान।
तुम कब.............
जन, जन को नहीं समझ रहा,
तोऔरो को क्या समझेगा।
अपनी अज्ञानता के एवज में,
तू अपने ही जनो को देगा बलिदान,
तुम कब...........
एक है जाति, अनेक है कर्म,
एक ही लक्ष्य, अनेक हैं धर्म,
एक धरा है ,एक आसमान,
तुम कब करोगे ,अपना कल्याण।
तुम कब............
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उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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