Tuesday, March 2, 2021

मीरा आर्ची चौहान की रचना- पलाश

रचयिता-मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-पलाश
विधा-कविता (मुक्त छंद)

 गांव  के पेड़ों में यूं
 धधक रहा पलाश।
 लगता यूं होले से,
 फैल रही है अाग।

मदमाती बासंती
बयार में बौराये
खट्टे-मीठे रसीले
 वो लगड़े आम।

इठलाते कचनार
चमेली अमलतास
सेमल ,टेशु शांत
सूर्ख लाल पलाश।

फागुन के गीतों में
गुलाल के रंगो में
इठला रहा झूंडों में
धधक रहा पलाश।

मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...