जिला-कोरबा, छ.ग.
विषय-संकल्प
विधा-छंद मुक्त कविता
शीर्षक-संकल्प
---चाहे वृहद हो या हो अल्प ,
मूलमंत्र है जीवन का ,
लेकर चलें संकल्प।
संकल्प की है ताकत इतनी ,
हर हाल में मंजिल पाती है ,
जिंदगी कदम हटाती नहीं,
वो मौत से जा टकराती है ।
इंसानो का कर दे कायाकल्प,
गर लेकर चलें ,जीवन में संकल्प ।
इरादों के मीनार वही बनाते हैं ,
जो क्षमता रखते हैं दिल में
लेने की संकल्प ।
संकल्प के बलबूते पर , पार सदैव हो जाते हैं,
जीवन के संघर्ष ,
चाहे वृहद हो या हो अल्प ।
मूल मंत्र है जीवन का , लेकर चलें संकल्प ।
संकल्प ही ऐसी शक्ति है जो विजय हासिल कराती है ,
सीमा पर जूझते वीर जवानों को ,
संकल्प हौसला देती है ।
।।इति।।
" गोमती सिंह "
कोरबा, छ.ग.
बहुत सुंदर
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