Thursday, March 25, 2021

मीराआर्ची चौहान की रचना- एकलव्य

रचयिता- मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-एकलव्य
विधा-कविता (मुक्त छंद)

उठो युवाओं!अब मत  सोओ,
अब तो कुछ नव निर्माण करो।

कटवाया था अँगूठा एकलव्य ने
 उसकी कुर्बानी का भान करो।

कब तक सुनते रहोगे यूं ही तुम
औरों  के मुख गैरों का इतिहास

एक और एकलव्य बनकर तुम,
जग में रोशन अपना नाम करो।

मिटा दो कुप्रथाएं और सब बंधन,
बना दो भारत भू की मिट्टी चंदन।

एकलव्य की एकाग्रता और लगन
आज भी मिशाल है  इतिहास में ।

जाने कितने अर्जुन आगे बढ़ गये,
एकलव्य ही  श्रेष्ठ लोग कह कहे।।

मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
----------------------------------

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...