ग्राम-बुलाँकी
जिला-रायगढ(छ.ग.)
विधा-कविता
विषय-फागुन
दिनाँक-17/03/2021
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*फागुन*
आया है फागुन का मास,
लाया है खुशियों का सौगात।
कोयल कुके डाल डाल,
मस्त पवन में झूले आम।
टेसु की रक्त पुष्प गुच्छ,
रंगीन बना है प्रकृति श्रृंगार।
तरू वृक्ष अरू लताओं की,
हरी पीली अधसुखी पात।
आहिस्ता पतित हो रहे धरा पर ,
फैल रही पवन से प्रसार।
हौले धूप चढ रही दिवस मे,
सुहाना स्वच्छ है निर्मल आकाश।
महुआ की पुष्पगुच्छ खिले,
टपक रही है आहिस्ता पात।
सुखद मौसम स्वच्छ आकाश,
रंगों का त्योहार, फागुन मास।
ढोल नगाड़ा बचते हैं गांँव ,
रंग गुलाल उड़ाते हैं फाग।
आया है फागुन का मास,
लाया है खुशियों का सौगात।
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उर्मिला सिदार रायगढ
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