Tuesday, March 9, 2021

शिव सुखद है कि रचनाकार श्रीमती पद्मा साहू "पर्वणी"

 रचनाकार_ श्रीमती पद्मा साहू "पर्वणी"  खैरागढ़
जिला_  राजनांदगांव छत्तीसगढ़
दिनांक  _ 09: 03 :2021
विधा_   मनोरम छंद
विषय_  *शिव सुखद हैं* 
मापनी_  2122,    2122

 *शिव सुखद है, नाम बोलें।* 
 *है अजन्मा,  नाथ भोले।।* 

पार्वती के,   कंत हो तुम।
भक्तजन के,  पंत हो तुम ।।
हे त्रिलोचन ,  कष्ट हर्ता।
नाथ पशुपति,  जग कर्ता1।
 *बन असुर के,  रूद्र शोले।,,* 
*है अजन्मा,  नाथ भोले ।* 

जो हलाहल ,  कंठ धारे।
है भवानी ,  प्राण  प्यारे।।
सोम शंकर ,  भाल  साजे।
सुरधुनी है,  लट विराजे।।
 *काल बिच्छू,  कर्ण डोले।,,,* 
*है अजन्मा,  नाथ भोले ।* 

चंद्रशेखर , रूप मानो ।
वक्ष अंदर, सौम्य जानों।।
भक्त जब-जब,  है पुकारे ।
शिव सुखद है , नाम तारे ।।
 *नेत्र खुलते ,  काल डोले।,,* 
*है अजन्मा,  नाथ भोले ।* 

पद्मा साहू   "पर्वणी"  खैरागढ़
जिला_  राजनांदगांव छत्तीसगढ़

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