Monday, March 22, 2021

रीता चटर्जी की रचना- संकल्प

रचनाकार  रीता चटर्जी
स्थान खोंगापानी कोरिया
छत्तीसगढ़
  
*संकल्प*
जीवन पथ पर कभी मिले
खुशियों का अनमोल सौगात,
पलक झपकते ही बन जाता है
दु:खों की घनी काली रात।
    हर तुफान से लड़ने का
    संकल्प हमें पर करना है,
    हो अनुकूल गर तो हमें
    शुक्रिया अदा करना है,
    प्रतिकुल हो तो भी प्रभु से
     धन्यवाद अवश्य कहना है।
बिन संकल्प कहां पूरन होते
पूजन के भी विधि - विधान
दृढ़ संकल्पित मन हो गर
पाये समस्याओं का समाधान।
         लक्ष्य हासिल कर पाने को
         संयम से  करें  अपन काम,
          संकल्प गर ध्यान धरो तो
            न लेना पड़ेगा अल्पविराम।
लक्ष्य पर निशाना साधे
करें संकट को पार,
विजय की प्राप्ति होगी
कर संकल्प हर हाल। 

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