जिला- कोरबा, छ.ग.
विषय- नींद
विधा- कविता
शीर्षक- नींद
--नींद न होती तो ख्वाब न होते,
सपनों की बारात न होते ।
थके हारे कामगारों के लिए,
विश्राम के सुनहरे पल न होते ।
नींद का जीवन से गहरा नाता है ,
नींद हर जीव को भाता है ।
पेंड़ पौधे, वृक्ष लताएँ भी नींद का
आनंद लेते हैं,
गहरी नींद आने से ,
जीवन में बहार आती हैं ।
नवजात शिशु के विकास का राज है नींद,
इसीलिए बहुत खास है नींद ।
।।इति।।
" गोमती सिंह"
कोरबा, छ.ग.
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